------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

दिल के जख्मों | Sad Shayari In Hindi | Dard Bhare Sad Kavita In Hindi

दिल के जख्मों को उनसे छुपाना पड़ा,
पलके भीगीं थी पर मुस्कुराना पड़ा,
कैसे उल्टे हैं महोब्बत के ये रिवाज?
रूठना चाहते थे पर उनको मनाना पड़ा.. .


No comments:

Post a Comment